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(hindi) Morning and Evening Thoughts

Published Nov. 5, 2022
इंट्रोडक्शन क्या आप रोज़ खुद से एक वादा करते हो? क्या आपको लगता है कि आप एक  spiritual  इंसान हो? ऐसा है जो आपको जिंदगी के मुश्किल से मुश्किल वक्त में भी हार  नहीं  मानने देता? लोग जब उदास होते है तो अक्सर सब कुछ कर बैठते है जो उन्हें  नहीं  करना चाहिए. नेगेटिव इमोशंस की वजह से कई बार हमारे अंदर की बुराई बाहर आ जाती है. अगर हमे गुस्सा आये या हमारा मूड खराब हो तो हमे क्या करना चाहिए? इस किताब में आप सीखेंगे कि अपने अंदर की बुराई और नेगेटिविटी को कैसे हैंडल करना है. और साथ ही ये किताब हमे सिखाएगी कि जिंदगी को पोजिटिव  थॉट्स  के साथ कैसे जीना है. खुश रहना उतना भी मुश्किल  नहीं  है जितना कि आप सोचते है. पहली सुबह: First Morning हर नया दिन एक नई उम्मीद लेकर आता है. क्योंकि हर दिन के साथ नए सपने, नई उम्मीदे और नए मौके मिलते है इसलिए अपने हर दिन का दिल से स्वागत करो. कौन जाने कल क्या होगा क्योंकि आने वाला वक्त तो किसी ने  नहीं  देखा है. अक्सर हम सोचते है कि हमारे सामने एक लंबी जिंदगी पड़ी है. ये बात सच है पर ये भी एक सच है कि जिंदगी का कोई भरोसा  नहीं  है. कब क्या हो जाए कहना मुश्किल है. इसलिए हर दिन को अपना नया जन्म समझ के जियो. इस थिंकिंग के साथ आप कभी  दोबारा  उदास फील  नहीं  करोगे, बल्कि आप खुद से और अपने करीबी लोगो से और ज्यादा प्यार करने लगोगे और जो भी करोगे पूरे जोश से करोगे. आपका हर दिन हंसी-ख़ुशी के साथ बीतेगा. पहली शाम First Evening अगर आप सफलता चाहते है तो आपको कुछ समझौते भी करने पड़ेंगे. जिदंगी का यही उसूल है. अपने कम्फर्ट ज़ोन में बैठे-बैठे आप कुछ हासिल  नहीं  कर सकते. जिंदगी में बदलाव लाकर ही आप उसे एक नई दिशा दे सकते हो इसलिए हर बदलाव का खुले मन से स्वागत करो. जो लोग वक्त के साथ एडजस्ट करना सीखते है, सफलता भी उन्ही को मिलती है. प्रोब्लम्स को हैंडल करने की अपनी अप्रोच चेंज करो. अपना सोचने का तरीका  चेंज करो. बेशक कोई भी बदलाव आये, आप उसका सामना करो. आपको शायद  नहीं  पता पर आप अपनी लिमिट से कहीं ज्यादा स्ट्रोंग है और जिंदगी में जितनी मुश्किलें आएँगी आप उतने ही मज़बूत होते जाओगे. और फिर आपको सफल होने से कोई  नहीं  रोक पायेगा और आपकी जिंदगी ख़ुशीयों से और ब्लेसिंग्स से भर जायेगी. दूसरी सुबह Second Morning बुरे काम करके ये मत सोचो कि अब आपके साथ कुछ अच्छा होगा. अगर जिदंगी में सब कुछ अच्छा चाहिए तो अच्छा सोचो और अच्छा करो तभी ऊपरवाले की मेहरबानी होगी. अपनी सोच और करनी पर लगाम रखो. हम दुनिया को किस नजर से देखते है, ये काफी हद तक हमारी अपनी सोच पर डिपेंड करता है. एक नेगेटिव माइंडसेट के साथ आप सिर्फ बुराई ही बुराई देखोगे. जबकि पोजिटिव थिंकिंग हमे जिंदगी की उन चीजों की अहमियत कराती है जो ऊपरवाले की दुआ से हमे मिली है. दूसरी शाम Second Evening मन को शांत रखना सीखो. पूरे दिन की भागदौड़ के बीच खुद को शांत रखने का कोई तरीका सीखो. एक शांत मन के साथ हमे अपनी अंतरात्मा में झाँकने का मौका मिलता है. और हम खुद से ही सवाल-जवाब करते है जैसे कि मै कौन है, मै कैसा  इंसान  हूँ? एक क्या मै अच्छा पति या पत्नी हूँ? क्या मै एक अच्छा पेरेंट हूँ या बच्चा हूँ? आप जितना अपने अंदर झांकोगे उतना ही खुद को समझोगे. आप अपने आस-पास की चीजों को समझने लगोगे. लोगो का व्यवहार समझने लगोगे और फिर आप चीजों को लेकर ज्यादा परेशान  नहीं  हुआ करेंगे. आपको एहसास होने लगेगा कि आपके किसी काम का क्या असर पड़ेगा. किसी काम से अगर आपको दुःख पहुंचे तो वो काम मत करो. और जो चीज़ ख़ुशी दे उसे करो, फिर देखो आपकी जिंदगी में कैसा ठहराव आता है. तीसरी सुबह Third Morning हमें जिंदगी एक बार ही मिलती है तो क्यों ना इसे भरपूर जिए. जो दिल करे वो करो, खुद को बंधनों में मत बांधो. अपनी अंतरात्मा की आवाज़ सुनो. दिल की ख्वाहिश कुछ भी हो सकती है जैसे कोई और बेहतर जॉब या किसी नए शहर जाकर अपनी किस्मत आजमाना, जो भी आपके दिल में है, एक बार जरूर ट्राई करो. ये मत सोचो कि रिजल्ट क्या होगा, जो मन में है उसे कर डालो. अक्सर हम कशम कश में फंस जाते है हमारा दिल कुछ और कहता है और दिमाग कुछ और. लेकिन ज्यादा से ज्यादा क्या हो जायेगा? यही ना कि आपको सफलता नहीं मिलेगी. पर कम से कम आपको ये तसल्ली तो रहेगी कि आपने कोशिश की. कुछ ना करने से तो बेहतर है कि हम कुछ नया ट्राई करे. तीसरी शाम Third Evening आपकी अंतरात्मा आपकी भलाई चाहती है. इसे कभी इग्नोर मत करना. हमारे अंदर से आने वाली आवाज़ ही हमे सफलता के रास्ते पर ले जाती है. जब भी आप कुछ गलत सोचते या करते हो तो सबसे पहले अंदर की आवाज़ आपको टोकती है, कभी सोचा है ऐसा क्यों है? क्योंकि ये हमेशा हमारा भला चाहती है. अगर जिंदगी की खूबसूरती को समझना है तो अपने अंदर झाँक के देखो, ये सोचो कि आपने अब तक क्या कुछ अचीव किया है. चौथी सुबह Fourth Morning शब्द तलवार से ज्यादा ताकतवर होते है इसलिए शब्दों का इस्तेमाल सोच समझ कर करे. ऐसी बात कहने से बचे जो किसी को बुरी लगे. साफ और स्पष्ट राय रखना अच्छी बात है पर किसी को ऐसी बात ना  कहें  जो उन्हें चुभ जाए. अगर आप गुस्से में है तो भी कुछ उल्टा-सीधा कहने से बचे, कहीं ऐसा ना हो कि बाद में आपको पछताना पड़े. बात करते वक्त आवाज़ में नरमी रखे, जहाँ तो हो सके साफ़ बात  कहें  पर प्यार से  कहें . एक अच्छा  इंसान  बनने के लिए आपको सिर्फ इतना ही करना है. चौथी शाम Fourth Evening चाहे आप हम कितने भी बड़े हो जाये, हम सीखना और ग्रो करना कभी  नहीं  छोड़ते. सेल्फ अवेयर यानी खुद को जानने के लिए आप इस अपोर्च्यूनिटी का फायदा उठा सकते है. खुद से पूछिए क्या आप एक अच्छे  इंसान  है? आपको क्यों लगता है कि आप अच्छे है? आपके अंदर ऐसी क्या ख़ास बात है? आप  दूसरों  के साथ किस तरह से पेश आते हो? ये सवाल आपको अपनी कमियाँ जानने में मदद करेंगे. शुरूवात में आपको अनकम्फर्टबल लग सकता है पर हम्बल बनने को कोशीश कीजिए. एक  इंसान  के तौर पर आपको इम्प्रूव करना है तो अपनी कमियों को पहचानो और उन्हें दूर करने की कोशिश करो.