VAISHYA

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VAISHYA

कहानी का सार


यह कहानी मानव समाज के उस वर्ग का दर्द दिखाने के लिए लिखी गई है, जिसकी जरूरत इस समाज को उतनी ही है जितनी हवा, पानी और खाने की। लेकिन फिर भी उसे सबसे बुरा, सबसे अपमानित और  गंदा समझा जाता है। वेश्यावृत्ति मानव समाज में शायद तब से है जब से भाषा का जन्म हुआ है । अलग-अलग देशों में, अलग-अलग संस्कृति में, समाज में, उसे अलग नाम से और अलग कारणों से जाना जाता है। आप उसे राजाओं के हरम की रौनक नाम से जाने या देवदासी के नाम से, नाचनेवाली के रूप में देखें या सैनिकों का उत्साह बढ़ाने वाली के रूप में, कारण चाहे जो भी हो, हालात चाहे  जो भी हों, और जगह चाहे जो भी हो, लेकिन इस काम को सबसे खराब समझा जाता है। लेकिन क्या यह काम सच में खराब है या सिर्फ हमारी सोच खराब है? क्या सभी औरतें इसे अपनी मर्ज़ी से करती हैं या इसके पीछे पुरुषों की वासना है या औरत की मजबूरी? शायद इस बारे में हमें विचार करने की ज़रुरत है.  

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