SOMETIMES YOU WIN, SOMETIMES YOU LEARN

About Book

जॉन सी. मैक्सवेल ने बड़ी ही बचकानी गलती की थी. उन्हें एक इम्पोर्टेंट स्पीच देनी थी और वो फ्लाइट लेने के लिए एअरपोर्ट में थे कि तभी अचानक उन्हें याद आया कि वो अपना पासपोर्ट तो घर में  ही भूल आए हैं. वो वापस घर भी  नहीं  जा सकते थे और उस वक़्त  ऐसा कोई भी  नहीं  था जो उनकी मदद करता. 
जॉन एक ऐसे इंसान थे जो आए दिन travel  करते थे. अपना पासपोर्ट घर पर भूल जाने की वजह से उनकी टीम   और उनके रीडर्स को बहुत निराशा हुई थी. जॉन स्वभाव से थोड़े लापरवाह और भुलक्कड़ किस्म के थे. 
हालाँकि उनसे भी कई गलतियाँ हुई हैं  पर उन्होंने कभी भी उन गलतियों को अपनी कमज़ोरी   नहीं  बनने दिया. वो हमेशा  अपनी हर गलती को स्वीकार  करते  और हर एक्सपीरियंस  से कुछ ना कुछ सीखने की कोशिश करते.
जॉन ने खासतौर पर ये बुक आपके लिए लिखी है. ये आपको सेल्फ-एक्सेप्टेंस की तरफ गाइड करेगी और आपका हिम्मत और हौसला बढ़ाते हुए आपको मोटिवेट करेगी.  

ये समरी किसे पढ़नी चाहिए?
* यंग प्रोफेशनल्स 
* स्टूडेंट्स 
* जो लोग लीडर बनना चाहते हैं    


ऑथर के बारे में 
जॉन सी. मैक्सवेल एक लीडरशिप एक्सपर्ट, स्पीकर और चर्च के पादरी हैं. वो एक ऑर्गेनाईजेशन के सीईओ हैं, जो दुनिया भर में लीडर्स को ट्रेनिंग देती है. उन्हें अक्सर बड़ी-बड़ी जानी-मानी कंपनियों  और गवर्नमेंट लीडर्स को स्पीच देने के लिए इनवाईट किया जाता है. मैक्सवेल न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉल स्ट्रीट journal के  बेस्ट सेलिंग ऑथर भी हैं.     

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